बेतिया की महापौर गरिमा देवी सिकारिया को "चैंपियन ऑफ चेंज अवॉर्ड" से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार 2020 के प्रथम कोरोना काल से अब तक अपने निजी कोष से असहाय और गरीब लोगों के लिए निःशुल्क भोजनालय जैसे समाजसेवा के कार्यों के लिए दिया गया। यह पुरस्कार उन्हें "इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी" द्वारा आयोजित एक स्वतंत्र सर्वेक्षण के आधार पर मिला।
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मुख्य बिंदु:
- निःशुल्क भोजनालय की पहल: कोरोना काल से अब तक गरीबों के लिए निजी कोष से निःशुल्क भोजनालय चलाया।
- राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान: "इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी" के सर्वेक्षण में चयनित होकर सम्मानित हुईं।
- सर्वोच्च न्यायालय के जूरी का चयन: पुरस्कार का निर्णय सेवा निवृत्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में किया गया।
- सम्मान समारोह में नामचीन हस्तियां: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, खान सर, शेखर सुमन, और अन्य हस्तियां भी इस समारोह में सम्मानित हुईं।
- बेतिया की जनता को समर्पित सम्मान: गरिमा देवी सिकारिया ने इस सम्मान को बेतिया और चंपारण की जनता का आशीर्वाद बताया।
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चैंपियन ऑफ चेंज अवॉर्ड" से सम्मानित होती गरिमा |
समाजसेवा और प्रथम कोरोना काल अब तक अपने निजी कोष से संचालित असहायों के निःशुल्क भोजनालय जैसे कार्यों के लिए मिला पुरस्कार
बेतिया - महापौर गरिमा देवी सिकारिया को"चैंपियन ऑफ चेंज अवॉर्ड" जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें उत्तम समाजसेवा और 2020 के प्रथम कोरोना काल अब तक उनके द्वारा अपने निजी कोष से अब तक लगातार संचालित असहाय गरीब लोगों के लिए निःशुल्क भोजनालय जैसे सामाजिक हित में अन्यान्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए मिला है।
पुरस्कृत किए जाने के बाद महापौर श्रीमती सिकारिया ने कहा कि-मैं आह्लादित हूं कि देशभर में प्रतिष्ठित "इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी" के स्तर दिया गया यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए मेरा चयन एक स्वतंत्र सर्वे रिपोर्ट के आधार पर किया गया है।
उन्होंने बताया कि "इंटरेक्टिव फोरम ऑन इंडियन इकोनॉमी" के इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड के लिए अंतिम रूप से चयन का निर्णय भारतीय सर्वोच्च न्यायालय के सेवा निवृत्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केजी बालाकृष्णन जी की अध्यक्षता वाली एक संवैधानिक जूरी के सदस्यों द्वारा किया जाता है। पटना के 'ज्ञान भवन' में सोमवार को बिहार स्तर पर पहली बार इसका आयोजन किया गया।
जहां बिहार के महामहिम राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के हाथों 'स्वर्ण पदक' और 'प्रशस्ति पत्र' देकर मुझको सम्मानिक किया गया।
इस सम्मान समारोह में मेरे साथ भारत रत्न स्वर्गीय कर्पूरी ठाकुर और पद्मभूषण विंदेश्वरी पाठक को मरणोपरांत इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मभूषण सीपी ठाकुर, बिहार स्वास्थ मंत्री मंगल पांडेय, सीने स्टार शेखर सुमन, नीतू चंद्रा, बिहार के ख्यातिलब्ध शिक्षाविद खान सर जैसी कुछ और विभिन्न क्षेत्र में सफलतम नामी गिरामी हस्तियों भी पुरस्कृत चेहरों में शामिल रहीं।
महामहिम राज्यपाल के हाथों इस राष्ट्रीय पुरस्कार पाकर सम्मानित होने पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने कहा कि इस सम्मान को मैं बेतिया नगर निगम और संपूर्ण चंपारण के जनता जनार्दन के आशीर्वाद और स्नेह का फल मानती हूं।
श्रीमती सिकारिया ने कहा कि इस उपलब्धि को वर्ष 2017 से अब तक लगातार बेतिया नगर निगम के जनता जनार्दन की निस्वार्थ सेवा का बड़ा प्रतिफल मानकर आजीवन आप सबकी सेवा का आशीर्वाद मानती हूं।
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