Bettiah Raj Property: 1100 एकड़ नई भूमि की पहचान, जानिए पूरी जानकारी

बेतिया राज: ऐतिहासिक भूमि पुनः मूल्यांकन में 1100 एकड़ नई भूमि की पहचान

बेतिया राज, जो वर्षों से कोर्ट ऑफ वार्ड के अधीन रहा है, हाल ही में बेतिया राज अधिनियम लागू होने के बाद लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस अधिनियम के प्रभाव में आने के बाद, बेतिया राज की भूमि संपत्तियों की गहन जांच और डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इसी क्रम में एक नई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है—ज़िले में 1100 एकड़ अतिरिक्त भूमि की पहचान की गई है।

इससे पहले भी 1600 एकड़ भूमि की पुष्टि की गई थी, और अब नए सर्वेक्षण के दौरान ज़िले में और 1100 एकड़ भूमि का पता चला है। इस प्रकार, बेतिया राज की अधिग्रहित भूमि का कुल आंकड़ा अब और भी बढ़ गया है। यह भूमि पुनः सर्वेक्षण का हिस्सा है, जो 2017-18 में शुरू किए गए सर्वेक्षण के दौरान छूटी हुई भूमि को चिह्नित करने की प्रक्रिया का परिणाम है। इस सर्वेक्षण के परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखने लगे हैं, जिससे ज़िले में बेतिया राज की वास्तविक भूमि स्थिति को लेकर नई जानकारियां सामने आ रही हैं। 

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Bettiah Raj Property 

बेतिया राज भूमि पुनः मूल्यांकन प्रक्रिया तेज़ी से जारी

बेतिया राज की भूमि पुनः मूल्यांकन और सर्वेक्षण प्रक्रिया को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया जा रहा है। इस कार्य को राजस्व अधिकारियों, बेतिया राज के कर्मियों और अमीनों को सौंपा गया है। जिला प्रशासन इसे प्राथमिकता के आधार पर देख रहा है ताकि बेतिया राज से जुड़ी सभी भूमि का पुनः  मूल्यांकन किया जा सके और अद्यतन रिकॉर्ड तैयार किए जा सकें।

जिला पदाधिकारी दिनेश राय ने जानकारी दी कि बेतिया राज प्रबंधक सह एडीएम अनिल कुमार सिन्हा के नेतृत्व में यह कार्य अत्यंत तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भूमि सर्वेक्षण और डिजिटल रिकॉर्डिंग का कार्य पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ किया जा रहा है ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूटने न पाए।

बेतिया राज प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले ज़िले में 1608 एकड़ भूमि की पहचान की गई थी। अब, नए सर्वेक्षण के तहत और 1100 एकड़ भूमि का पता चला है, जिससे बेतिया राज की भूमि संपत्तियों में वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बेतिया राज अधिनियम लागू होने से पहले ज़िले में 9758.72 एकड़ भूमि दर्ज थी। लेकिन, जब अभिलेखों की गहन जांच और पुनः मूल्यांकन किया गया, तो यह संख्या बढ़कर 12,847.47 एकड़ हो गई। यह आंकड़ा बेतिया राज की ऐतिहासिक भूमि संपत्तियों की पुनर्समीक्षा और नए सर्वेक्षण के महत्व को दर्शाता है।

बेतिया राज अधिनियम और भूमि पुनः सर्वेक्षण का महत्व

बेतिया राज के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को सहेजने और भूमि विवादों को हल करने के लिए बेतिया राज अधिनियम लागू किया गया था। इस अधिनियम के तहत:

  1. बेतिया राज की सभी भूमि का पुनः मूल्यांकन किया जा रहा है।
  2. छूटी हुई भूमि की पहचान कर उसे रिकॉर्ड में शामिल किया जा रहा है।
  3. डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया से भूमि अभिलेखों को पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा रहा है।
  4. राजस्व विभाग और प्रशासन की निगरानी में पुनःसर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि गलत दावे या अवैध कब्जों को रोका जा सके।

इस अधिनियम के लागू होने के बाद, बेतिया राज की भूमि से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। पुराने अभिलेखों की जांच-पड़ताल और नए सर्वेक्षणों के परिणामों को मिलाकर अब ज़िले की वास्तविक भूमि स्थिति को समझा जा सकता है।

भविष्य में संभावित विकास और चुनौतियाँ

बेतिया राज के ऐतिहासिक भूमि रिकॉर्ड को अद्यतन करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, इस कार्य में कुछ महत्वपूर्ण चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. पुराने अभिलेखों की सटीकता: कई दस्तावेज़ दशकों पुराने हैं, जिनमें कुछ त्रुटियाँ या अपूर्ण जानकारियाँ हो सकती हैं।
  2. अवैध कब्जे और भूमि विवाद: कई स्थानों पर बेतिया राज की भूमि पर अवैध कब्जे किए गए हैं, जिन्हें हटाना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
  3. स्थानीय विरोध: कुछ मामलों में स्थानीय समुदायों से विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है, विशेषकर यदि वे इस भूमि पर वर्षों से रह रहे हों।

इन चुनौतियों के बावजूद, प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों के कारण बेतिया राज की भूमि संपत्तियों की सटीक गणना और पुनः मूल्यांकन संभव हो पा रहा है।

निष्कर्ष:

बेतिया राज के ऐतिहासिक भूमि रिकॉर्ड की पुनः समीक्षा और डिजिटलीकरण से इसकी वास्तविक स्थिति उजागर हो रही है। हाल के सर्वेक्षण में नई भूमि की पहचान इस प्रक्रिया की सफलता को दर्शाती है।

2017-18 में शुरू हुए भूमि पुनःसर्वेक्षण के तहत अब तक:

  • 1600 एकड़ भूमि पहले ही रिकॉर्ड में जोड़ी जा चुकी थी।
  • अब 1100 एकड़ अतिरिक्त भूमि की पहचान हुई है।
  • कुल भूमि आंकड़ा 12,847.47 एकड़ तक पहुंच चुका है।

इस महत्वपूर्ण कार्य के चलते, आने वाले समय में बेतिया राज से जुड़ी और भी नई जानकारियाँ सामने आने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया न केवल प्रशासन के लिए बल्कि स्थानीय लोगों और इतिहासकारों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे बेतिया राज की वास्तविक ऐतिहासिक संपत्ति को संरक्षित करने में सहायता मिलेगी।

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