बच्चों के साथ साथ लोगों ने भी ली बेहतरीन सीख
बगहा । आपने तो यह कहते हुए सुना होगा कि पैर की मोच और छोटी सोच व्यक्ति के विकास में बाधक है। लेकिन आईएस दीपक मिश्र एसडीएम बगहा ने 45 किलोमीटर की साईकिल पांव की कठिनाइयों के बावजूद भी तय कर, न केवल अपने आईएएस होने के वर्चस्व को कायम रखा ।अपितु यह दिखाया की कि व्यक्ति की इच्छाशक्ति दृढ़ हो , तो वह मुकाम जरुर हासिल किया सकता है। एसएसबी वाहिनी के द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ लोगों में जन जागरूकता का अभाव करने के लिए 45 किलोमीटर की साइकिल रैली निकाली गई थी जिसमें पैर के कुछ मुश्किलों के बावजूद और तबीयत ठीक नहीं रहने पर भी यानी टाइफाइड बुखार को झेलने के बावजूद एसडीएम दीपक कुमार मिश्र एसपी किरण कुमार गोरख जाधव ,कमांडेंट प्रकाश एवं एस. एस.बी के जवानों से आगे चलते रहे। जिससे न केवल बच्चों का ही उत्साह हुआ।अपितु उन्होंने चरितार्थ कर दिया कि मेहनत करने वाले की कभी हार नहीं होती है। एसपी एसडीएम कमांडेंट जैसे अधिकारियों के जोश और जुनून की आगे साइकिलिस्ट भी पस्त हो गए। ज्ञात हो कि मुख्य अतिथि के रूप में एडीजे अविनाश कुमार पाण्डेय बगहा ने हरी झंडी दिखाकर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ साइकिल रैली को एसएसबी 21वीं वाहिनी के मुख्य गेट से एसडीएम दीपक मिश्र ,कमांडेंट प्रकाश, म एसपी गोरख जाधव समेत सभी साइकिल रैली 100 से ज्यादा साइकिल सवार छात्र छात्राओं और जवानों को मंगलपुर एसएसबी कैंप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किए। इस साइकिल रैली में सनफ्लावर चिल्ड्रेंस एकेडमी पटखौली प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय पटखौली और नरइपुर हाई स्कूल के छात्र नैतिक जागरण मंच वेलफेयर ट्रस्ट के सचिव निप्पू कुमार पाठक समाजसेवी लक्ष्मी खत्री के अलावे मीडिया के साथी भी शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह लोग साइकिल सवारों पर फूल बरसा रहे थे ।कहीं नींबू पानी तो कहीं जूस की व्यवस्था थी ।परंतु जैसे ही यह साइकिल रैली बाल्मीकि नगर बराज पर पहुंची तो उपस्थित डॉक्टर कमांडेंट ममता अग्रवाल ने जवानों की सहायता से एसडीएम, एसपी एवं कमांडेंट को पुष्प माला पहनाकर और पुत्र की वर्षा कर भव्य स्वागत की।साइकिल सवारों को गुलाब के पुष्प दे करके उनका स्वागत हुआ। तत्पश्चात स्थानीय कैंप में बच्चों को बिठाकर सभी पदाधिकारियों ने बच्चों को संबोधित करते हुए कई प्रश्न भी पूछे ।इस क्रम में एडीजे बगहा अविनाश कुमार पाण्डेय की अग्रणी भूमिका रही। उन्होंने अपने जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को मेहनत से न भागने के लिए एकदम मना करते हुए कहा कि अगर आपको आगे बढ़ना है। तो उसकी तैयारी अभी से करनी चाहिए। मैं एक किसान का पुत्र हूं और मैं आज इस पोस्ट पर हूं ।इसलिए किसान का बेटा कुछ कर सकता है। क्योंकि वह प्रारंभ से ही मेहनत करता है। इसलिए मेहनत करने से नहीं डरना चाहिए। कमांडेन्ट श्री प्रकाश ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि विल पावर होना चाहिए ।इच्छाशक्ति मजबूत होती है। वही आगे बढ़ते हैं । बच्चों ने उनके प्रश्नों का जवाब देने के क्रम में कमांडेंट से इको पार्क घुमाने की बात कही। इस पर कमांडेट श्री प्रकाश बच्चों को केवल इको पार्क ही नहीं बल्कि बीओपी और आर्म्स के बारे में बच्चों को जानकारी देने तथा उन्हें घुमाने का आदेश दिया बच्चे इको पार्क घूम कर आनंदित हुए।
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